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लगता है सिर्फ खास नक्षत्र में जोड़ी जा रही है वॉशरूम की ईट : महीनों हो गए निर्माण होते…..

जितनी जल्दबाजी तोड़ने में की, बनवाने में उतनी ही देर .. महिला मार्केट में तोड़ा वाशरूम

✒️ विलोक पाठक / न्यूज इन्वेस्टिगेशन

मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले स्थित गंजीपुरा महिला मार्केट महिलाओं की आवाजाही का सबसे बड़ा केंद्र है। यहां प्रतिदिन हजारों महिलाएं खरीदारी करने आती हैं। इसके साथ ही कई महिला दुकानदार और दुकानों में कार्य करने वाला महिला स्टाफ यहां बड़ी संख्या में मौजूद है। सौभाग्य की बात ये की इस शहर में नगरनिगम कमिश्नर भी महिला ही हैं।

तोड़ने में जल्दबाजी किंतु बनाने में…..

पिछले 6 माह पूर्व महिला मार्केट में बने इकलौते सुलभ शौचालय को नव निर्माण के नाम पर तोड़ दिया गया। परंतु जितनी जल्दी तोड़ने की थी उतनी शीघ्रता बनाने में नहीं दिखा रहे।

शायद खास नक्षत्र में जोड़ी जा रहीं ईंट

शौचालय इस विधि से बन रहा है जैसे मानो सिर्फ खास नक्षत्र में उसमें ईंटे जोड़ी जाना हो। इसमें सिर्फ खास समय पर ही ठेकेदार निर्माण कर रहा है। एक दिन काम होता है तो कई दिन बंद रहता है। इसमें एक बोर्ड भी लगा हुआ है जिसमें लिखा है की 20 लाख की लागत से शौचालय का निर्माण किया जाएगा।

कार्यशैली के नकारेपन के कारण हजारों महिलाएं परेशान हैं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि ने लोगों के कहने पर एक अस्थाई शौचालय नगर निगम से लॉर्डगंज थाने के सामने खड़ा करवा दिया था परंतु कुछ दिन बाद वह भी नदारत हो गया। लिहाजा अब महिलाएं दैनिक क्रियाओं के लिए सर्वाधिक परेशान होने के साथ मोहताज भी हैं।

◆ विधायक की छवि को लगा रहे बट्टा
उत्तरमध्य विधानसभा में ऐसे अनेकों कार्य हैं जिनमें एक बात तो जाहिर हो रही है कि क्षेत्रीय विधायक की छवि को जानबूझकर खराब करने के लिए कुछ लोग स्लीपर सेल का काम कर रहे हैं। अकेला शौचालय नहीं ऐसे कई मामले हैं जिनमे क्षेत्रीय नेताओं के कारण विधायक की छबि को पलीता लगाया जा रहा है। वहीं यह क्षेत्र एमआईसी मेंबर रजनी कैलाश साहू का है उक्त शौचालय जैसी अन्य कार्यशैलियों के कारण उनकी छबि को भी बट्टा लग रहा है। इस शौचालय के निर्माण मैं जितना समय लग रहा है उतने ही ज्यादा लोगों खासकर महिलाओं को जो परेशानी हो रही है वह आने वाले समय में कहीं मतों का निर्धारण ना कर दे, क्योंकि यह महिला मार्केट यहां खरीददारी करने वाली शहर की सम्पूर्ण महिलाओं के आकर्षण का केंद्र है।

क्षेत्रीय लोगों का कहना है की एक दिन काम लगता है चार दिन तक निर्माण कार्य बंद रहता है। दूसरा इस शौचालय के बाहर रोज दुकानें लग जाती है। क्षेत्रीय अतिक्रमण करने वाले इस क्षेत्र के शायद वोटर भी नहीं है लेकिन वे जनता को त्रस्त कर नेताओं की छबि में जरूर बट्टा लगाने के साथ प्रशासन को भी चुनौती दे रहे।

बहरहाल जनप्रतिनिधियों को चाहिए की महिलाओं की परेशानी को देखते हुए शीघ्र इस शौचालय का निर्माण करवाये एवं उक्त क्षेत्र में होने वाले अतिक्रमणों का भी निवारण करें।

News Investigation

@vilok

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