गेहूं में मिट्टी मिलाने वाले वेयरहाउस संचालक और केंद्र प्रभारी पर एफआईआर
FIR against warehouse operator and center in-charge for mixing soil in wheat

न्यूज़ इन्वेस्टीगेशन
मझौली में कटाव रोड धनाड़ी स्थित ‘गेहूं में मिट्टी मिलाने’ के मामले में मझौली पुलिस ने खाद्य अधिकारी के प्रतिवेदन पर मां रेवा वेयर हाउस पर एफआईआर दर्ज की है। कनिष्ट आपूर्ति अधिकारी कार्यालय कलेक्टर खाद्य शाखा जबलपुर कुंजन सिंह राजपूत की शिकायत पर मझौली पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने वेयरहाउस संचालक नीतेश पटेल और खरीदी केंद्र प्रभारी शीला बाई के विरूद्ध बीएनएस की धारा 318(4) 61(2)(ए) सहित आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955-3/7 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है।
कनिष्ट आपूर्ति अधिकारी ने प्रतिवेदन में पुलिस को बताया है कि मां रेवा वेयरहाउस धनाड़ी के परिसर में गेहूं में मिट्टी मिलाए जाने की जांच अधिकारियों के माध्यम से कराई गई थी। अधिकारियों ने प्राथमिक जांच-पड़ताल में वेयरहाउस परिसर में 1000 शासकीय बारदाना एवं प्लास्टिक बारदानों में गेहूं की 270 बोरी रखी पाई गई, जबकि गेहूं का एक ढेर जिसकी मात्रा लगभग 100 क्विंटल थी। वेयरहाउस में 675 सरकारी खाली बारदाना पाए गए और वेयरहाउस के पीछे मिट्टी कंकड़ पत्थतर आदि से भरी सिली 250 प्लास्टिक की बोरियां पाई गयीं थीं। वेयरहाउस के समीप ही 185 सरकारी बारदानों में भरी सिली मिलावटी गेहूं भी पाया गया था।
बोरियों को खोलकर देखने में पाया गया था कि सभी बोरियों में गेहूं के साथ 70% से 75% मिट्टी कंकड़ एवं पत्थर मिले हुए हैं। ट्रेक्टर में लोड मिट्टी,कंकड़ पत्थर से भरी 230 प्लाकस्टिक की बोरियों रखी पाई गई थीं। स्वराज माजदा के वाहन मालिक के पुत्र रोहित साहू ने बताया कि लमतरा जिला कटनी से वेयरहाउस संचालक नितेश पटेल के कहने से मिट्टी से भरी बोरियों की ढुलाई की गई है। मजदूरों के कथन से भी यह बात स्पष्ट हुई है कि नितेश पटेल द्वारा उक्त कार्य हेतु मजदूरों को 7 रूपये प्रति बोरी की दर से मजदूरी दी जाती थी। उक्त वेयरहाउस पहले से ही धान घोटाले में ब्लेक लिस्टेड था
@Vilok Pathak
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