जबलपुर की कैंट विधानसभा क्षेत्र में फिर धर्मांतरण का मामला.. एफ़आईआर दर्ज
Another case of conversion in Jabalpur's Cantt assembly constituency.. FIR registered
✒️ विलोक पाठक / न्यूज़ इन्वेस्टिगेशन
धर्मांतरण के लिए विख्यात हो चुके कैंट विधानसभा के रांझी क्षेत्र में एक बार फिर धर्मांतरण का मामला सामने आया है। बीमार हिंदू महिला का जबरन धर्मांतरण कराने की कोशिश कि गयी। रांझी की निवासी नीतू रैकवार ने बताया कि वह परशुराम बस्ती रांझी की निवासी हैं, पिछले कुछ समय से बीमार चल रही थीं। इसी दौरान आरोपी मनोज पिल्ले,विनोद, राजीव और एक अन्य व्यक्ति ने उनके घर आकर उन्हें ईसाई धर्म अपनाने पर शीघ्र स्वस्थ होने और आर्थिक स्थिति सुधरने का प्रलोभन दिया। नीतू रैकवार ने आरोप लगाया है कि ईसाई समुदाय से जुड़े कुछ लोगों ने उसे धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया।
16 फरवरी को आरोपित दोबारा महिला के घर पहुंचे और पूजा-पाठ के लिए क्रॉस चिन्ह वाला ईसा मसीह का चित्र लाए,महिला के बुलाने पर कुछ अन्य महिलाएं भी वहां मौजूद थीं। आरोपितों ने नीतू रैकवार के घर से देवी-देवताओं के चित्र हटवाकर वहां ईसाई धर्म का प्रतीक रखवा दिया और सभी से सामूहिक प्रार्थना भी करवाई। बाद में सबको बताया गया कि वे अब ईसाई बन चुके हैं। महिला ने जब धर्म बदलने से इनकार किया, तो उसे धमकाया गया और उसके घर से हिंदू देवी-देवताओं के चित्र हटवा दिए गए। लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर महिला ने रांझी थाने में शिकायत दर्ज कराई। महिला ने बताया कि उसे दो हजार रुपये भी दिए गए और ईसाई परंपरा अनुसार पूजा सामग्री एकत्र करने के लिए कहा गया। पुलिस ने नीतू रैकवार की शिकायत पर आरोपी मनोज पिल्ले, विनोद,राजीव और एक अन्य के खिलाफ मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया है। सभी आरोपी जबलपुर के रांझी क्षेत्र के निवासी हैं।
बरहाल जो भी हो परंतु कैंट विधानसभा के रांझी क्षेत्र में पिछले कुछ सालों से लगातार धर्मांतरण की दर्जनों प्रकरणों में शिकायत मिलती रही हैं। हिंदू संगठनों का आरोप है की इन धर्मांतरण करने वालों को उच्च स्तर से शह मिली हुई है। पिछले समय जब धर्मांतरण की शिकायत लेकर हिंदू संगठन थाने पहुंचे थे तो वहां उनकी सुनवाई होने की बजाय उल्टा उन्हीं पर मामला दर्ज कर लिया गया था। जिसको लेकर बड़ा हंगामा हुआ था एवं हिंदू संगठन धरने पर बैठे थे। वहीं हिंदू संगठनों का आरोप है की क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी चर्चा होना चाहिए उनसे जुड़े कुछ लोग धर्मांतरण कराने वालों के पक्ष से जुड़े विषय में उल्टा हिंदू संगठनों पर मामला बनवाने के लिए प्रयास करते हैं। कैंट विधानसभा का यह रांझी क्षेत्र धर्मांतरण को लेकर इन दिनों सुर्खियों में है।
Vilok Pathak
News Investigation “The Real Truth Finder”




