सिहोरा में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से मची तबाही, दो घंटे तक ठप रहा यातायात, बिजली गुल


न्यूज़ इन्वेस्टिगेशन
सिहोरा। क्षेत्र में मंगलवार देर शाम अचानक बदले मौसम ने भारी तबाही मचा दी। तेज आंधी, तूफान और ओलावृष्टि के साथ हुई बेमौसम बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। करीब दो घंटे तक मुख्य मार्ग पूरी तरह से बंद रहा, जिससे लंबा जाम लग गया और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिहोरा-खितौला मार्ग पर तेज तूफान के चलते एक भारी-भरकम पेड़ सड़क के बीचों-बीच गिर गया। इसी दौरान वहां से गुजर रहा एक सवारी ऑटो पेड़ की चपेट में आ गया और दब गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। स्थानीय लोगों की मदद से ऑटो सवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
पेड़ गिरने के कारण मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया, जिससे सिहोरा से बड़वारा और सिलौड़ी जाने वाला रास्ता बंद हो गया। स्थिति यह रही कि मोटरसाइकिल तक निकलना मुश्किल हो गया। देखते ही देखते जाम की लंबी कतारें लग गईं, जो फोरलेन तक पहुंच गईं। लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से पेड़ हटाकर यातायात बहाल किया जा सका।
◆ बिजली गुल, अमला देर रात तक जुटा
आंधी-तूफान का असर शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिला। सिहोरा-खितौला क्षेत्र के कई स्थानों पर दुकानों और गोदामों के छप्पर तेज हवा में उड़ गए। कुछ जगहों पर नवनिर्मित मकानों की दीवारें भी भरभराकर गिर गईं, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। वहीं कई जगह बिजली के केबिल टूटने से रात में बिजली बंद होने से लोगों को गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि देर रात तक विद्युत व्यवस्था बहाल करने बिजली कर्मचारी जूटे रहे।
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी इस प्राकृतिक आपदा से भारी क्षति हुई है। रिलायंस पेट्रोल पंप और एक टाइल्स दुकान के छप्पर और बोर्ड तेज तूफान में उखड़कर गिर गए, जिससे वहां काफी नुकसान हुआ।
वहीं, इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का असर किसानों पर भी पड़ा है। गर्मी की फसलें जैसे मूंग और उड़द को नुकसान पहुंचा है, जबकि आम के फलों पर भी ओलों की मार से गिरावट आई है। किसानों ने फसलों को हुए नुकसान को लेकर चिंता जताई है।
अचानक बदले मौसम ने प्रशासन की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते पेड़ों की छंटाई और सुरक्षा के इंतजाम किए जाते तो इस तरह की स्थिति से बचा जा सकता था।
फिलहाल स्थिति सामान्य हो गई है, लेकिन इस घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में इसी तरह के मौसम परिवर्तन की संभावना जताई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।




