कुसंस्कारियों पर भारी संस्कारधानी के संस्कारवान लोग
The cultured people of the capital of culture prevail over the ill-mannered ones


✒️ विलोक पाठक
न्यूज़ इन्वेस्टिगेशन
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में प्रदेश के सबसे बड़े फ्लाईओवर की सौगात मिलने के बाद लोगों का वहां जमावड़ा रोज रहता है। उद्घाटन के बाद से ही लोग वहां बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। जिले में मिली इतनी बड़ी उपलब्धि को लोग जहाँ तहां गंदा भी कर रहे हैं। नये फ्लाई ओवर पर डिवाईडर गुटका एवं तंबाकू के थूक के निशान देखे जा रहे हैं। अपने कुसंस्कारों के प्रदर्शन से ब्रिज को गंदा करने वालों को सुप्रभातम जैसी संस्था के संस्कारवान लोगों ने करारा जवाब दिया है। संस्था के लोग सुबह टहलने के बाद हाथों में कपड़ा बोतल में पानी के साथ झाड़ू आदि लेकर फ्लाईओवर पर लोगों द्वारा फैलाई गई गंदगी के रूप में पान गुटखों के निशान को साफ कर रहे हैं।
सुप्रभातम संस्था टीम के अभय जैन,आलोक पाठक, सुमेश सराफ, गुड्डू गुप्ता, राजा जड़िया, राजेश सराफ, सुब्रतो, कमलेश तिवारी ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से पता चला कि लोग शहर को मिली इस भव्य सौगात को गंदा कर रहे हैं। जिसके चलते हम लोगों ने यह बीड़ा उठाया है कि इस पर फैली गंदगी को साफ करेंगे। उनका कहना है कि गंदा करने वाले कुछ लोग हैं परंतु उसको साफ रखने वाले इस शहर के जिम्मेदार नागरिक अपनी उपलब्धि बचाना जानते हैं। संस्था के लोगों का कहना है कि फ्लाईओवर पर आवारा तत्वों ने जमावड़ा बना रखा है। सफाई के दौरान उन्हें शराब की खाली पड़ी बोतलें भी मिली हैं। संस्था के इस कार्य से उन सभी गंदगी फैलाने वाले लोगों के मुंह पर करारा तमाचा पड़ा है जो समय-समय पर अपनी हरकतों से इस शहर को गंदा करते हैं।
इसके साथ ही फ्लाईओवर पर रील बनाने वालों के अलावा स्टंट करने वालों के खिलाफ भी पुलिस ने शिकंजा कसना प्रारंभ कर दिया है। पुलिस ने कुछ लोगों को पकड़ने के साथ उन पर जुर्माना भी लगाया है। मदन महल थाने की पुलिस इस समय ब्रिज पर नजर रखे हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ प्रदेश के मंत्री राकेश सिंह एवं अन्य दिग्गज नेताओं ने इस फ्लाईओवर का उद्घाटन किया था। शहर को मिली इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्रीय नेतृत्व का धन्यवाद भी किया था। 7 किलोमीटर से ज्यादा लंबे इस ब्रिज के कारण शहर के एक बहुत बड़े क्षेत्र में यातायात का दबाव काफी कम हो गया है।




