पश्चिम बंगाल बाबरी मस्जिद के प्रस्ताव पर जबलपुर में लगे बाबरी मूत्रालय के पोस्टर, पुलिस ने तत्काल फाड़े
भड़के हिंदू संगठन लगाएंगे शहर के शौचालयों में बाबर के खिलाफ पोस्टर

@Vilok Pathak / News Investigation
पश्चिम बंगाल में प्रस्तावित बाबरी मस्जिद बनाए जाने को लेकर मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर मैं हिंदू संगठनों ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। हिन्दू संगठनों ने सार्वजनिक शौचालयों पर ‘बाबर मूत्रालय’ के पोस्टर चिपकाए। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने न केवल यह पोस्टर चिपकाए, बल्कि शहर के अन्य शौचालयों पर भी इसी तरह के पोस्टर लगाने का खुला ऐलान किया है। मूत्रालय पर पोस्टर चिपकते ही पुलिस ने उक्त पोस्टर फाड़ दिए। जिसका पता चलते ही हिन्दू संगठनों ने तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाए जाने की घोषणा के खिलाफ हिंदू कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर बाबर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यह घोषणा पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी के निष्कासित विधायक हुमायूं कबीर ने की है। हिंदूवादी संगठन इस घोषणा को 100 करोड़ हिंदुओं की भावनाओं के खिलाफ बता रहे हैं और उन्होंने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
हिंदूवादी नेता विकास खरे ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि हुमायूं कबीर का यह फैसला देश की शांति और सद्भाव को बिगाड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के बाद भी इस तरह की घोषणाएं करना अवांछित और भड़काऊ है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि पश्चिम बंगाल के निष्कासित विधायक अपने इस बयान से पीछे नहीं हटते हैं और बाबरी मस्जिद बनाने की कोशिश की जाती है, तो हिंदूवादी कार्यकर्ता एक बार फिर कारसेवा करने के लिए मजबूर होंगे और 1992 दोहराने से नहीं चूकेंगे।
पोस्टर चिपकाने और विरोध प्रदर्शन के बाद जबलपुर पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। पुलिस ने तत्काल लगाए हुए पोस्टर को फाड़ दिया। पुलिस उन स्थानों पर निगरानी बढ़ा रही है जहाँ इस तरह के पोस्टर लगाए गए हैं। हिंदू संगठनों का आरोप है की आक्रांता बाबर से इतनी सहानुभूति क्यों बताई जा रही है। आखिर शौचालय से पुलिस द्वारा बाबर के नाम के पोस्टर क्यों फाड़े जा रहे हैं।
हिंदू संगठनों की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि अयोध्या फैसले के बाद भी बाबर से जुड़े किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नही किया जाएगा।




