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लोकायुक्त खुलासे के बावजूद बेखौफ “प्राइवेट सिंडिकेट” फिर लौटे निजी कर्मचारी !

Despite the Lokayukta revelations, the fearless "private syndicate" has returned with private employees!

न्यूज़ इन्वेस्टिगेशन

जबलपुर,  जिले के परिवहन विभाग की फ्लाइंग टीम में चल रही अवैध वसूली और भ्रष्टाचार का खुलासा हो जाने से भोपाल और परिवहन विभाग के मुख्यालय ग्वालियर तक हड़कंप मचा हुआ है। खासतौर पर लोकायुक्त द्वारा परिवहन विभाग की आरक्षक श्वेता अहिरवार के साथ प्राइवेट कर्मचारी मोहित साहू को चैकिंग के दौरान रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद से प्राइवेट कर्मचारियों को गायब कर दिया गया था।

प्राइवेट सिंडीकेट का खुलासा किए जाने के बाद पड़े लोकायुक्त के इस छापे से सारे के सारे प्राइवेट कर्मचारी भूमिगत हो गए थे लेकिन अब खबर आ रही है कि प्राइवेट कर्मचारी एक बार फिर लौट आए हैं। उन्हें चिन्हित जगह पर रखा गया है, जो रात के अंधेरे में आरटीओ की गाड़ी में कर्मचारियों के साथ बैठकर निकलते हैं और हाईवे पर ट्रक और अन्य वाहन चालकों को रोककर उनसे वसूली कर रहे हैं।

इतना सब होने के बाद भी कथित ‘प्राइवेट सिंडिकेट की आरटीओ फ्लाईंग में वापसी उच्च अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। सूत्र बताते हैं कि बाहर से लाए गए इन प्राइवेट कर्मचारियों का पूरा मैनेजमेंट फ्लाईंग प्रभारी और उपनिरीक्षक देख रहे हैं?

आरटीओ की फ्लाईंग चैकिंग में प्राइवेट कर्मचारियों के शामिल होने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ था। जिसमें पता चला था कि इनका ठिकाना गढ़ा के सगड़ा रोड स्थित एक मकान में है, जहां प्राइवेट कर्मचारियों को ठहराया जाता था और सबकी नजरों से छिपाकर रखा जाता था। रात होते ही ये प्राइवेट कर्मचारी सरकारी गाड़ी में बैठकर निकलते थे और फिर फ्लाईंग अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ हाईवे पर अवैध वसूली करते थे। उस जगह का फोटो भी सामने आया था, जिस मकान के नीचे आरटीओ की गाड़ी खड़ी होती थी।

उल्लेखनीय हैं कि ये प्राइवेट कर्मचारी फिर सक्रिय हो गए हैं और बीते दिन बरगी में आरटीओ कर्मचारियों के साथ चैकिंग करते हुए देखे गए हैं। सूत्रों ने तो यहां तक दावा किया कि यदि बरगी टोल नाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएं तो यह प्राइवेट कर्मचारी सरकारी गाड़ी में बैठे दिख सकते हैं, जिससे बड़ा खुलासा हो सकता है।

सोमवार की शाम जो फोटो सामने आई उससे सनसनीखेज खुलासा हुआ। दो लोग सिविल ड्रेस में नजर आ रहे हैं जो प्राइवेट कर्मचारी बताए जा रहे हैं। बाकी सब वर्दी में हैं जो फ्लाईंग के आरक्षक हैं। इससे ये सवाल उठ रहा है कि इनके साथ कोई बड़ा अधिकारी नहीं है जबकि नियम ये है कि हेड साब को ही चालान काटने का अधिकार है आरक्षक को नहीं।

यह फोटो अपने आप में आरटीओ फ्लाईंग में भ्रष्टाचार की पूरी कहानी बयां कर रही है। बताया जा रहा है कि बरगी-निगरी, बरेला-उदयपुर और गोसलपुर तीनों ही चैकप्वाइंट पर प्राइवेट कर्मचारी चैकिंग में शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि आरटीओ की फ्लाईंग में लंबे समय से चल रही इस अवैध वसूली और भ्रष्टाचार को लेकर उच्च अधिकारी जरा भी गंभीर नहीं हैं बल्कि वह फ्लाईंग प्रभारी को बचाने की लगातार कोशिश में जुटे हुए हैं। यही वजह है कि लोकायुक्त की कार्रवाई में गंभीर आरोप साबित हो जाने के बाद भी उन्होंने न तो फ्लाईंग प्रभारी को कोई नोटिस थमाया और न ही कोई कार्रवाई की जिससे उसके हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। कहा तो यहां तक जा रहा है कि उन्होंने फ्लाईंग प्रभारी को खुली छूट दे रखी है।

NEWS INVESTIGATION “The Real Truth Finder”

न्यूज़ इन्वेस्टिगेशन “वास्तविक सत्यान्वेषी”

 

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