फिलिस्तीन के समर्थन में लगे पोस्टरों के चेहरों की तरफदारी की कवायद…..
An exercise to favor the faces of the posters in support of Palestine...

✒️ विलोक पाठक
न्यूज़ इन्वेस्टिगेशन
जबलपुर – पिछले दिनों ईद के उपलक्ष में लगे फिलिस्तीन के समर्थन के पोस्टर सर्वाधिक चर्चित रहे। उत्तर प्रदेश हो या मध्य प्रदेश सभी जगह फिलिस्तीन के समर्थक अपनी मौजूदगी बताते रहे। जबलपुर में भी कोतवाली थाना अंतर्गत मिलोनीगंज क्षेत्र में लगे फिलिस्तीन के समर्थन में पोस्टर चर्चा में आए थे।
इसको लेकर कुछ हिंदू संगठनों ने पुलिस को सूचना भी दी, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल इनको उतरवा दिया था। परंतु हिंदू संगठनों ने उन पर कार्रवाई की मांग को लेकर थाने में शिकायत की थी। इसके बाद शुरू हुआ पोस्टर में शामिल चेहरों को बचाने का सिलसिला। जी हां उन पोस्टरों में शामिल चेहरों को लेकर शहर भर से उनके बचाव के तर्क दिए गए। सत्ता से समर्थित एक माननीय का नाम इस मामले में खुलकर सामने आ रहा है। उन पोस्टर को लेकर प्रदर्शन करने वाले हिंदू संगठनों के पास माननीय के फोन आ रहे हैं। वहीं हिंदू संगठन के लोग इस पर कार्रवाई को लेकर अड़े हैं। हिंदू संगठनों का कहना है कि यदि इन पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह न्यायालय की शरण में जा सकते हैं। वही उनका तर्क है कि माननीय पुलिसिया तंत्र का उपयोग कर उनके खिलाफ कोई प्रयोग कर सकते हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है की सत्ता पक्ष के माननीय की हरकत पार्टी के मातृ संगठन तक पहुंच गई है। वहीं इस मामले में पुलिस के अपने तर्क हैं। उनका कहना है की कानूनन रूप से फिलिस्तीन का समर्थन करना कोई गुनाह नहीं है। फिलिस्तीन भारत का मित्र राष्ट्र है। और इस पर कोई ठोस कार्रवाई सम्भव नहीं दिखती।
परंतु एक बात जो की शाश्वत सत्य है एवं सामने दिख रही है कि फिलिस्तीन के समर्थन करने वाले यह वही लोग हैं जो फिलिस्तीन और ईरान में हुई हिंसा को लेकर अपने खजाने खोल देते हैं। परन्तु नेपाल में हुई त्रासदी हो या बांग्लादेश में हुए अत्याचार और हिंसा पर उनकी चुप्पी रहस्यमई रहती है।
एक बात तो तय है की फिलिस्तीन तो केवल एक माध्यम है, परंतु कहीं ना कहीं विरोध के स्वर और विदेशी समर्थन की ये जड़ें देश के हर गली कस्बे में मौजूद है। और यह न केवल राष्ट् बल्कि देश की शांति सुरक्षा के लिए चिंता का विषय हो सकतीं है।
Vilok Pathak – News Investigation “The Real Truth Finder”




