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हनुमानताल की सफाई में भ्रष्टाचार की बू, ईओडब्ल्यू पहुंची काँग्रेस

Smell of corruption in cleaning of Hanumantal, mat

✒️ न्यूज़ इन्वेस्टिगेशन / विलोक पाठक

मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में स्थित हनुमानताल जिसमे करोड़ों रुपयों की लागत से सौंदर्यीकरण का कार्य हो रहा, अब सवालों के शिकंजे में हैं। धार्मिक आध्यात्मिक जन आस्था और ऐतिहासिक महत्व के हनुमानताल की सफाई, जीर्णोद्वार और सौंदर्यीकरण के नाम पर भारी अनियमितता, अनदेखी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए पूर्व विधायक विनय सक्सेना के साथ कांग्रेस के पूर्व पार्षदों और नेताओं ने कटंगा स्थित आर्थिक अपराध शाखा पुलिस अधीक्षक को एक शिकायत पत्र सौंपा है जिसमें कहा गया है कि ईओडब्ल्यू इस बात की बारीकी से जांच करे कि हनुमानताल का जीर्णोद्वार हुआ है या काम के नाम पर सरेआम सरकारी रुपयों का बंटाधार किया गया है?

विनय सक्सेना ने बताया कि हनुमानताल की सफाई और सौंदर्यीकरण के लिए उन्होंने अपने विधायकी कार्यकाल में करीब ढाई करोड़ रुपयों की डीपीआर तैयार करवाई थी जिसमें तालाब के चारों ओर पानी के ऊपर रेलिंग लगाकर फुटपाथ बनना था, विसर्जन प्वाइंट बनना था और पानी को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए एसटीपी प्लांट लगना था मगर एकाएक प्रदेश में कांग्रेस सरकार चले जाने से यह कार्य प्रतीक्षित ही रह गया। नई भाजपा सरकार में हनुमानताल के लिए फिर से करीब दो करोड़ रुपयों की डीपीआर तैयार कर कार्य प्रारंभ कराया गया। इसमें मौजूदा विधायक सहित नगर निगम ने भी करोड़ों रुपयों के कार्य कराने की घोषणा की। प्रदेश के बड़े पदों पर आसीन नेताओं ने भी हनुमानताल का निरीक्षण किया मगर जलाशय की हालत जस की तस है और एक करोड़ से भी ज्यादा राशि अब तक खर्च किए जाने की खबर है। ईओडब्ल्यू एसपी को सौंपे गए शिकायत पत्र में विनय सक्सेना ने मांग की है कि इस बात की जांच की जाए कि हनुमानताल की मौजूदा दुर्दशा का असल दोषी आखिर कौन है? यह पता लगाया जाए कि इस कार्य को करने के लिए किन किन विभागों और नेताओं के मदों से आखिर कितनी राशि स्वीकृत की गई और अब तक किसे कितना भुगतान किया जा चुका है? जिन्हें भुगतान किया गया क्या उन्होंने उतनी राशि का काम करके दिया? आरोप है कि हनुमानताल में काम के नाम पर बड़ा भारी भ्रष्टाचार किया गया जो गंभीरता से जांच किये जाने पर सामने आ सकता है ?

विनय सक्सेना ने मांग की है कि अभी धार्मिक और जनआस्था के सभी पर्व एकदम करीब है जिनमें श्री गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन और कजलियाँ पर्व हनुमानताल में होता आया है तो क्या अब आस्थावान जनता को जिम्मेदार ऐसी दयनीय और प्रदूषित हालत का जलाशय सौंपेंगे जबकि घोषणा तो तालाब में एसटीपी प्लांट लगाने की गई थी। विनय सक्सेना और साथ मौजूद कांग्रेस जनों ने इस पूरे मामले के हर एक पहलू की गहराई से जांच करने की मांग की है।

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