जबलपुर में राजस्व की टीम एवं पुलिस के सामने सीमांकन के नाम पर लाडली बहनों की बेरहमी से पिटाई,कपड़े फाड़े
एफआईआर के लिए शाम 4:15 बजे से रात्रि 11:15 तक पीड़ित महिलाओं को थाने में रोक के रखा गया

✍️ विलोक पाठक / न्यूज़ इन्वेस्टिगेशन
सूबे के मुखिया जहां एक ऒर लाडली बहनाओं के लिए योजना पर योजना चालू कर रहे हैं इसके बावजूद प्रदेश में निचले स्तर पर लाडली बहनों के साथ कितना नारकीय अत्याचार हो रहा है इसका धरातली सत्य बताती है जबलपुर की यह घटना। जी हां जबलपुर में ग्वारीघाट थाना अंतर्गत नर्मदा नगर में सीमांकन के नाम पर पहुंची राजस्व की टीम एवं थाने की पुलिस के सामने दबंगों ने एक मां एवं उसकी चार बेटियों को न केवल बेरहमी से पीटा बल्कि उनके कपड़े भी फाड़ दिए तथा अश्लील शब्द कहे। और यह सब समाज की रक्षक कही जाने वाली उस पुलिस के सामने हुआ जो महिला सुरक्षा के दावों के साथ ऊर्जा डेस्क जैसी योजनाएं फलीभूत करती हैं।
विगत दिवस तहसीलदार के आदेश पर सीमांकन के लिए पटवारी को साथ लेकर कुछ लोग नर्मदा नगर स्थित एक मकान में पहुंचे। जहां पिछले 40 वर्ष से एक महिला अपनी चार पुत्रियां के साथ निवास करती है। पति के देहांत के बाद इस मकान में भू माफिया की नजर लग गई। उनको बेदखल करने के लिए पूर्व में भी प्रयास कर चुके हैं। मौके पर पहुंची राजस्व की टीम एवं पुलिस ने ना तो महिलाओं को कोई नोटिस दिखाया ना ही कोई आदेश दिखाया ना ही किसी प्रकार का कानूनी कागज दिखाए। परंतु टीम के साथ गए दबंगों ने सीधे उन महिलाओं पर हमला कर दिया। पीड़ित महिलाओं ने बताया कि उन गुंडो ने बीमार मां को मारा उसके बाद हम लोगों को डंडों से जमकर पीटा। इतना ही नहीं महिलाओं की अस्मत को लेकर अश्लील कमेंट्स भी किये और वह पुलिस के सामने।
🛑 पुलिस अधीक्षक के आदेश पर तत्काल सक्रिय हुए अधिकारी
इतना सब हंगामा होता रहा परंतु साथ गए पुलिस बल ने अपने अधिकारियों को इसकी जानकारी देना उचित नहीं समझा। वही इस मामले में वीडियो में दिख रही महिला सब इंस्पेक्टर परिणीता ने बताया कि वह अपने किसी अन्य काम से वहां से निकल रही थी परंतु महिलाओं की आवाज सुनकर वह घटनास्थल पर पहुंची एवं उन्होंने बीच बचाव करने का प्रयास किया। पुलिस के सामने अपनी पिटाई होते देख उनमें से एक बेटी ने मीडिया कर्मियों को फोन लगा दिया। मीडिया कर्मियों ने पुलिस अधीक्षक श्री सम्पत उपाध्याय को घटना की सूचना दी। उनके आदेश के बाद थाना प्रभारी से लेकर क्षेत्रीय चौकी प्रभारी सहित पुलिस बल सक्रिय हो गया।
🛑 सीएसपी ने तत्काल मामला दर्ज करने के दिये आदेश
घटना की जानकारी क्षेत्रीय सीएसपी एमडी नागोटिया को होने पर उन्होंने निष्पक्ष कार्रवाई करवाने का पीड़ित महिलाओं को आश्वासन दिया एवं पुलिसिया कार्यवाही पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बावजूद दोपहर 3:30 बजे हुए घटनाक्रम की एफआईआर दर्ज करने के नाम पर महिलाओं को रात्रि 11:15 तक रोका गया। इस मामले में अधिवक्ता विवेक तिवारी के अनुसार महिलाओं के साथ हुई मारपीट एवं अश्लीलता को लेकर जो एफआईआर की गई है उसमें जो धाराएं लगाई हैं वे अपूर्ण है। इसमें नियम के अनुसार ग्रह अतिचार की धारा एवं बलवा की धारा जोड़ना थी। क्योंकि पीड़ित महिलाओं का स्पष्ट कहना है कि आरोपी दबंगों कि बड़ी संख्या ने न केवल उनके साथ मारपीट कर कपड़े फाड़े, बल्कि घर में घुसकर उनके ट्यूबलाइट सहित अन्य सामान तोड़ दिए। महिलाओं का कहना है यदि सीमांकन करने के लिए आए थे तो किसी प्रकार की सूचना देते। जब घटनाक्रम हुआ तो उस समय महिलाएं घर पर अकेली थी। इसके बाद 25 से 30 लोगों ने हाथों में लाठी लिए सीधे उनके घर पर हमला कर दिया।
🛑 राजस्व की भूमिका
बहरहाल जो भी हो परंतु उक्त घटनाक्रम में महिलाओं के साथ हुई मारपीट के वीडियो घटना की भयावता की स्पष्ट कहानी कह रहे हैं। इन पीड़ित एवं लाचार मां बेटियों के साथ जो घटनाक्रम हुआ है वह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं है। जिसमे क्या राजस्व और क्या पुलिस सभी जगह दबंगों का दबदबा समझ आ रहा है। वहीं टीम में आए पटवारी का कहना है कि चूँकि पीड़ित पक्ष कब्जेदार दर्शाया गया है इसीलिए उन्हें किसी प्रकार की सूचना एवं नोटिस नहीं दिया जाता है। जब पटवारी से यह पूछा गया कि जिस घर में महिलाएं अकेली हों क्या उस घर में भी राजस्व की टीम से पहले गुंडे घुस जाते हैं, क्या मां बेटियों पर हमला आपके सामने हुआ। तो उन्होंने दबी जबान से स्वीकार किया की हां मुझको मौका ही नहीं मिला लोग पहले ही घर में घुस गए।
🛑 सूबे के मुखिया तक पुकार
वहीं दूसरे पक्ष की तरफ से भी लोगों ने मां बेटियों पर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने भी हमला किया है एवं अपने कुत्ते से कटवाया है। पुलिस ने मामला जांच में लिया है। शहर में लाडली बहनाओं के साथ घट रही घटनाओं को देखते हुए एक बात तो अचूक सत्य है कि सत्ता की सियासत की बिसात भी लाडली बहनों ने बिछाई है और उन पर बढ़ रहे अत्याचार सूबे के मुखिया कहे जाने वाले मामा तक अवश्य पहुंचना चाहिए ताकि वे उन पर संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्रवाई करें जिससे प्रदेश की लाड़लियां सुरक्षित रह सके।
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