सिंगरौली में पेड़ों की अवैध कटाई का मामला आया हाईकोर्ट के संज्ञान में, हस्तक्षेप आवेदन लिस्ट

✒️ विलोक पाठक / न्यूज़ इन्वेस्टिगेशन
मध्यप्रदेश के सिंगरौली में पेड़ों की अवैध कटाई जारी है। जबकि इस पर पूर्णत रोक लगी हुई है अधिवक्ता मोहित वर्मा ने आवेदन दायर किया है जिसे हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप आवेदन के रूप में लिस्ट कर लिया है। इस आवेदन में खबरों,वीडियो और स्थानीय विरोधों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। लिस्ट किया हुआ आवेदन अदानी ग्रुप की घिरौली कोल माइन परियोजना से जुड़ा है। 17 दिसंबर की सुनवाई अहम है। इसमें अडाणी ग्रुप के धिरौली कोल माइन परियोजना की जांच होगी। हस्तक्षेप लिस्ट होने के साथ ही यह मामला कोर्ट के सुओ-मोटो पेड़ कटाई केस से जुड़ गया है। यह अडाणी ग्रुप के लिए बड़ा कानूनी झटका हो सकता है।
हाईकोर्ट पहले ही साफ कर चुका है कि एनजीटी कमेटी की अनुमति के बिना एक भी पेड़ नहीं काटा जा सकता। इसके बाद भी सिंगरौली में कटाई जारी रहने के आरोप सामने आ रहे हैं। घिरौली क्षेत्र में प्रस्तावित कोल माइन लगभग 1400 हेक्टेयर वन भूमि पर विकसित की जा रही है। पर्यावरणीय रिपोर्टों के अनुसार लगभग 5.7 से 6 लाख पेड़ काटने का प्रस्ताव है। इनमें कई मूल्यवान कठोर लकड़ी वाली प्रजातियां शामिल हैं,जिनका संरक्षण आवश्यक बताया गया है।
वही स्थानीय आदिवासी समुदाय ने कानून और ग्राम सभा की सहमति की अनदेखी का आरोप लगाया है। कटाई शुरु की गई है। क्षेत्र में धारा 144 लागू है। कई नेताओं को हिरासत में लिया गया है। मीडिया पर भी रोक जैसी स्थिति बनी है। विरोध बढ़ने के बाद मामला कोर्ट में पहुंच चुका है। 17 दिसंबर की सुनवाई अब बेहद अहम मानी जा रही है। इस दिन हस्तक्षेप आवेदन पर भी सुनवाई होगी। कोर्ट वन कटाई विवाद की अधिकृत जानकारी मांग सकता है।




