“विधि योद्धाओं” को सफलता : ED ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में प्रभारी RTO और उनकी पत्नी की 3.38 करोड़ की संपत्तियां की कुर्क

✒️ विलोक पाठक
न्यूज़ इन्वेस्टिगेशन / भ्रष्टाचार के मामले में घिरे जबलपुर जिले के प्रभारी आरटीओ संतोष पॉल और उनकी पत्नि पर ईडी ने शिकंजा कसा है। ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने की जबलपुर के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) संतोष पॉल और पत्नी रेखा पॉल की करीब 3.38 करोड़ की संपत्तियां कुर्क की है। इस सम्पत्ति में आरटीओ संतोष पॉल के जबलपुर स्थित आलीशान आवास, प्लॉट, कृषि भूमि और कमर्शियल दुकानों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है।
जांच के दौरान पॉल दंपति की 73.26 लाख रुपए की सत्यापित वैध आय उजागर हुई थी वहीं वैध आय के मुकाबले RTO संतोष पॉल और पत्नी रेखा पॉल ने लगभग 4.80 करोड़ की संपत्तियां अर्जित की थी। जांच में करीब 4.06 करोड़ की अनुपातहीन सम्पत्ति का खुलासा हुआ है।
इंडी की जांच में सामने आया कि संतोष पॉल और रेखा पॉल ने जांच अवधि के दौरान अपनी वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की। जांच के अनुसार, दोनों की सत्यापित वैध आय 73.26 लाख रुपये पाई गई, जबकि उन्होंने करीब 4.80 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित कर खर्च की। इस तरह लगभग 4.06 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति का खुलासा हुआ।
आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो यानी EOW की जांच के आधार पर ED ने ये कार्रवाई की है। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में भोपाल EOW ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1) (बी) और 13 (2) के तहत FIR दर्ज़ की थी। जांच के दौरान लोक सेवकों के द्वारा आय से कहीं गुना ज्यादा चल और अचल संपत्तियां अर्जित करने का खुलासा हुआ था। जबलपुर RTO रहते हुए संतोष पॉल के घर पर EOW ने साल 2022 में छापेमारी की थी, EOW ने आरटीओ संतोष पॉल के साथ ही परिवहन विभाग में हेड क्लर्क के रूप में पदस्थ पत्नी रेखा पॉल को भी आरोपी बनाया था।
गौरतलब है कि अगस्त 2022 में ईओडब्ल्यू की जबलपुर इकाई ने आरटीओ संतोष पॉल के ठिकानों पर छापा मारा था। उस दौरान 16 लाख रुपये नकद, कई मकान, वाहन और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए थे। जांच में यह भी सामने आया था कि आरटीओ ने अपने घर में निजी थिएटर तक बनवा रखा था, जिसमें काली कमाई से लगाई गई लाल रंग की महंगी सीटें चर्चा का विषय बनी थीं। फिलहाल, प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं मामले में आगे की जांच जारी है।
◆ विधि योद्धाओं की मेहनत का परिणाम
यह कार्रवाई जबलपुर के दो युवा अधिवक्ता धीरज कुकरेजा और स्वप्निल सराफ जिन्होंने भ्रष्टाचार के विरुद्ध बिगुल फूंका है, की शिकायत पर हुई है। इन दोनों अधिवक्ताओं ने न सिर्फ दस्तावेजों और तथ्यों के साथ मामले को मजबूती से उठाया, बल्कि सिस्टम की चुप्पी के बीच कानूनी मोर्चे पर डटे रहे। इस बीच उन्हें विभिन्न माध्यमों से विचलित करने का प्रयास किया गया, परन्तु कानून को अपना कवच बनाने वाले इन विधि योद्धाओं ने हर परिस्थिति का डटकर मुकाबला किया। इस दौरान उन्हें अपनी ही विधा के साथियों से असहज व्यवहार का सामना करना पड़ा।




