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संस्कारधानी में वैचारिक क्रांति का शंखनाद : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे गीता भवन वैचारिक अध्ययन केंद्र का शुभारंभ

 न्यूज़ इन्वेस्टिगेशन

मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी जबलपुर के मुकुट में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। भारतीय जीवन दर्शन, सनातन संस्कृति और नैतिक मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने के ध्येय के साथ, नगर निगम जबलपुर द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस कन्वेंशन सेंटर में विकसित ‘गीता भवन वैचारिक अध्ययन केंद्र’ का भव्य शुभारंभ शीघ्र ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कर-कमलों द्वारा किया जाएगा।

यह केंद्र मात्र एक भवन की संरचना नहीं, बल्कि एक जीवंत वैचारिक अध्ययन का केंद्र है। इसका मुख्य उद्देश्य धार्मिक, आध्यात्मिक और साहित्यिक चेतना के माध्यम से सामाजिक समरसता स्थापित करना है। इस गीता भवन से आधुनिकता और प्राचीन ज्ञान-विज्ञान के इस अनूठे संगम में नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। गीता भवन वैचारिक अध्ययन केंद्र को नगर निगम जबलपुर द्वारा उत्तम और उच्च मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है, जहाँ अध्ययन और विमर्श के लिए व्यापक सुविधाएँ उपलब्ध हैं।

नगर निगम द्वारा तैयार गीता भवन में एक साथ 30 बच्चों को पढ़ने की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सर्वसुविधायुक्त वाचनालय विकसित किया गया है। गीता भवन में ई-लायब्रेरी भी पृथक से तैयार की गई है। इसमें 25 कम्प्यूटर लगाये गये हैं। इसमें भी लायसेंस प्राप्त कर पुस्तकें मंगवाई गई हैं ताकि पाठकों को प्रमाणित अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो सके। इस वैचारिक अध्ययन केन्द्र में धार्मिक, पौराणिक, वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने वाली, साहित्यिक, प्रेरणादायी, जीवनियॉं, प्रतियोगी परीक्षाओं आदि की 5000 से ज्यादा पुस्तकें हिन्दी, अंग्रेजी एवं संस्कृत में उपलब्ध हैं।

इस भवन में 900 व्यक्तियों की क्षमता वाला अत्याधुनिक सभागार, जो बड़े सम्मेलनों और संवादों का साक्षी बनेगा। यहॉं पर एक बड़ा मंच और बगल में सर्वसुविधायुक्त ग्रीन रूम और प्रसाधन केन्द्र की भी उत्तम सुविधायेें उपलब्ध है। भवन में एक सुसज्जित कैफेटेरिया निर्मित किया गया है। जहॉं पर एक साथ एक समय में 100 से अधिक लोग बैठकर चाय, कॉफी का आनंद लेने के साथ-साथ कैफेटेरिया में संधारित पत्र-पत्रिकाएं और पुस्तकों का अध्ययन कर सकेगें। गीता भवन वैचारिक अध्ययन केन्द्र में महत्वपूर्ण विषयों पर विद्वानों से ऑन लाइन संवाद के साथ बैठकर विचार विमर्श करने की भी सुविधा है। इसमें पाठकों के लिए अलग से रामायण कक्ष, गीता कक्ष, सर्वधर्म पुस्त कक्ष भी पृथक-पृथक बनाये गये हैं।

रजिस्ट्रेशन के लिए पृथक से रजिस्ट्रेशन कक्ष भी बनाया गया है। भवन में व्यक्तियों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क भी बनाया गया है। इस भवन में प्रतियोगी परीक्षा हेतु अध्ययन सामग्री, साहित्यिक पुस्तकों का संकलन, ई-लायब्रेरी की पृथक व्यवस्था, दैनिक समाचार पत्रों व मासिक पत्रिकाओं की उपलब्धता के साथ साथ सी.सी.टी.व्ही. सर्विलांस, पेयजल, लिफ्ट आदि सुविधा भी उपलब्ध है।

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