जबलपुर: निगम कमिश्नर के त्वरित निर्णय और नेता प्रतिपक्ष की जागरूकता से लोगों की भावनाएं आहत होने से बचीं

✒️ विलोक पाठक
न्यूज़ इन्वेस्टिगेशन
उनका आरोप था कि मां नर्मदा जन्मोत्सव पूरे शहर में श्रद्धा और धूमधाम से मनाया जाता है। शहर के विभिन्न स्थानों पर मां नर्मदा की प्रतिमाएं विराजमान की जाती हैं और पूजन-अर्चन के बाद विसर्जन हेतु ग्वारीघाट ले जाया जाता है। लेकिन इस वर्ष नगर निगम प्रशासन ने भक्तों की आस्था जा ध्यान नहीं रखा। स्थायी विसर्जन कुंड के पास जहां हाल तक कचरे का बड़ा डंपिंग पॉइंट था, उसी स्थान पर आनन-फानन में खुदाई कर अस्थायी विसर्जन कुंड बना दिया गया है।
◆निगमायुक्त का त्वरित निर्णय
अस्थाई विसर्जन कुंड की बात जैसे ही निगम कमिश्नर रामप्रसाद अहिरवार तक पहुंची और उन्होंने तत्काल जांच के आदेश दिए। जांच के बाद उन्होंने तुरंत आदेश दिया कि शहरवासियों की धार्मिक भावनाएं आहत नहीं होना चाहिए मूर्तियां स्थाई रूप से बनाये गए विसजर्नकुंड में ही होंगी। अस्थाई रूप से कचरा डंपिंग स्थान पर बनाये गए कुंड में मूर्तियां विसर्जित नहीं की जाएगी।
◆ जनता ने सराहा निर्णय
मामला ज्ञात होने के चंद मिनटों में लोगों की भावनाओं का ख्याल रखते हुए निगम आयुक्त के इस निर्णय को शहर के नागरिकों ने सराहा है। वहीं नेता प्रतिपक्ष को भी धार्मिक भावनाएं आहत होने से बचाने के लिए धन्यवाद दिया है।




