टॉप न्यूज़मध्यप्रदेश

जिज्ञासा के क्षेत्रीय सम्मेलन एवं राज्य आरोग्य मेले का सफल आयोजन संपन्न

Regional conference of Jigyasa and State Health Fair successfully organized

✒️ विलोक पाठक / न्यूज़ इन्वेस्टिगेशन

मध्य प्रदेश के जबलपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के “जिज्ञासा” आयाम द्वारा आयोजित तीन दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन एवं राज्य आरोग्य मेले का बुधवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस सम्मेलन में आयुर्वेद शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में विविध दृष्टिकोणों पर मंथन हुआ। कार्यक्रम के समापन सत्र में अभाविप के राष्ट्रीय संगठन मंत्री एस. बालकृष्ण मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांत प्रचारक ब्रजकांत, महर्षि सुश्रुत आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. अशोक खंडेलवाल, राष्ट्रीय सलाहकार (जिज्ञासा) डॉ. घनश्याम वत्स, रवि शंकर, डॉ आदर्श रावत, प्रदेश मंत्री माखन शर्मा , प्रांत संगठन मंत्री मनोज यादव, प्रांत सह संगठन मंत्री आशीष शर्मा, महानगर संगठन मंत्री, सतीश गुप्ता,महानगर मंत्री आर्यन पुंज, राष्ट्रीय सह संयोजक (जिज्ञासा) राजेश कल्याण, प्रांत संयोजक डॉ. रोहित पाण्डेय, प्रांत सह संयोजक डॉ. अमित सिंह, डॉ. हरिता सचदेवा, गौरव तिवारी, साक्षी बोहरे, जतिन राठौर,जानवी जायसवाल आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

अपने उद्बोधन में एस. बालकृष्ण ने कहा कि – “अभाविप केवल किसी एक प्रांत, प्रदेश या देश की सीमा में सीमित नहीं है। जिज्ञासा आयाम आयुर्वेद के लिए कार्य करने वाला विश्व का सबसे बड़ा मंच है, जो आधुनिकता और परंपरा के समन्वय से वैश्विक स्तर पर योगदान कर रहा है।” कुलगुरु डॉ. अशोक खंडेलवाल ने सम्मेलन की सराहना करते हुए कहा कि – “जिज्ञासा आयाम के माध्यम से विद्यार्थियों को आयुर्वेद की गहराइयों को समझने और शोध की दिशा में बढ़ने का अवसर मिला है।” इस अवसर पर डॉ. हरिता सचदेवा ने तीन दिवसीय सम्मेलन का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में देशभर से 1024 स्नातक एवं परास्नातक छात्र-छात्राएं तथा 100 से अधिक प्राध्यापक सम्मिलित हुए। साथ ही देश के 16 ख्यातिप्राप्त आयुर्वेदाचार्यों – जिनमें पद्मश्री, धन्वंतरि अवार्ड, गुजरात नू गौरव एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत विद्वान शामिल थे – ने विविध विषयों पर अपने व्याख्यान दिए।

उन्होंने यह भी बताया कि जिज्ञासा सम्मेलन की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि देश के 12 से अधिक राज्यों से छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे यह सम्मेलन वास्तव में राष्ट्रीय स्वरूप का प्रतीक बन गया। अभाविप का यह सम्मेलन आयुर्वेद के क्षेत्र में शोध, नवाचार और राष्ट्रहित में समर्पित भाव से काम करने वाले युवाओं के लिए एक प्रेरणादायी मंच सिद्ध हुआ। जबलपुर के लिए यह सम्मेलन एवं राज्य आरोग्य मेला एक ऐतिहासिक कार्यक्रम बन कर आयुष हितैषियों के लिए यादगार सिद्ध हुआ ।

News Investigation

@vilok

Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Close
Close