विद्यासागर परिसर में हाईटेंशन लाइन से टकराया हाइवा..बड़ा सवाल ये कि कॉलोनी स्वीकृत कैसे हो गयी..
A truck collided with a high tension line in Vidyasagar Campus..the big question is how did the colony get approved..

✒️ विलोक पाठक
🔍 न्यूज़ इन्वेस्टिगेशन
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के पाटन रोड स्थित विधासागर परिसर में रेत खाली करते समय एक हाईवा के ट्रांसमिशन लाइन से टकराने के कारण शहर के बड़े अस्पतालों सहित महत्वपूर्ण क्षेत्र को विद्युत आपूर्ति करने वाली 132 के.व्ही. नयागांव- माढ़ोताल लाइन का एक सर्किट बाधित हुआ, हालांकि ट्रांसमिशन लाइन के तुरंत ट्रिप होने से भीषण हादसा टल गया।
गाड़ी में सवार चालक एवं परिचालक दैवीय संयोग से बच गए एवं 132 के.व्ही. सबस्टेशन माढ़ोताल में अति उच्चदाब की वैकल्पिक सप्लाई होने से शहर के बड़े महत्वपूर्ण हिस्से की विद्युत आपूर्ति में व्यवधान नहीं हो सका।
एम.पी.ट्रांसको के अधीक्षण अभियंता आर एस पांडे ने बताया कि मंगलवार को जबलपुर पाटन रोड स्थित विधासागर परिसर में एक हाईवा ने लापरवाही तरीके से रेत खाली करते समय ऊपर से गुजर रही शहर की महत्वपूर्ण 132 के.व्ही. नयागांव-माढ़ोताल ट्रांसमिशन लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया,हाईवा में सवार ड्राइवर और हेल्पर तो किसी तरह बच गये पर ट्रांसमिशन लाइन और हाईवा को अत्याधिक नुकसान पहॅुचा। किस्मत से ट्रांसमिशन लाइन का कंडक्टर नहीं टूटा अन्यथा जानमाल की भीषण क्षति के साथ ट्रांसमिशन कंपनी को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता और उस दरम्यान शहर के महत्वपूर्ण हिस्से में विद्युत आपूर्ति उपलब्ध रहने का एक विकल्प कम रहता।
पांडे ने बताया कि इस महत्वपूर्ण 132 के.व्ही.नयागांव-माढ़ोताल लाइन से शहर के प्रमुख अस्पताल अपोलो हास्पिटल, शैल्वी हास्पिटल, स्वास्तिक हास्पिटल,ग्लोबल कॉलेज, श्री राम कॉलेज,सेंट अलायसिस कॉलेज,अतंर्राजीय बस अड्डा,विजय नगर सहित अनेक महत्वपूर्ण व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के लाखों उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति होती है। घटना के कारण क्षतिग्रस्त ट्रांसमिशन लाइन की युद्ध स्तर पर मरम्मत कर उसे पुनः ऊर्जीकृत कर दिया गया। इसके कारण ट्रांसमिशन लाइन के सर्किट में लगभग 04 घंटे 17 मिनिट का विद्युत व्यवधान रहा। एम.पी. ट्रांसको के अधिकारियों ने संबंधित माढ़ोताल थाने में मामले की प्राथमिकी रिपोर्ट दर्ज करने के लिये आवेदन दिया है। पिछले कुछ समय में इस परिसर में ट्रांसमिशन लाइन के समीप और नीचे अनाधिकृत निर्माण कार्य करने के कारण चार बार ट्रिपिंग हो चुकी है।
मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने विधासागर परिसर के संचालक सौरभ जैन को ट्रांसमिशन लाइन के नीचे और आसपास विद्युत सुरक्षा के मानकों का पालन करने के अनेक नोटिस दिये है पर उनका उल्लंघन करने के कारण यह दुर्घटना हुई।
💠 नागरिकों ने बताया साक्षात मौत है हाईटेंशन लाइन
जागरूक नागरिक सुभाष विश्वकर्मा तथा शशि उचोलिया ने बताया कि विद्यासागर परिसर में जो कॉलोनी बसाई गई है उसके बीच से हाई टेंशन लाइन गुजर रही है। बिल्डर ने कॉलोनी में जहां-जहां से हाई टेंशन लाइन गुजरी है उसके नीचे गार्डन बना दिए हैं। विद्यासागर परिसर फेस वन के अलावा विद्यासागर परिसर फेस 2 का निर्माण भी चल रहा है। नागरिकों ने आरोप लगाते हुए कहा कि एक बड़ा सवाल यह उठता है कि हाई टेंशन लाइन के रहते शासन प्रोजेक्ट कैसे पास कर देता है तथा इन कॉलोनीयों के नक्शे नगर निगम में कैसे पास हो गए। हाई टेंशन लाइन के कारण कॉलोनी वासियों पर मौत का साया हमेशा बना रहेगा बिल्डर ने बड़ी चालाकी से हाई टेंशन लाइन को देखते हुए उसके नीचे गार्डन बना दिए हैं। लिहाजा कॉलोनी वासी हाई टेंशन लाइन के नीचे बने गार्डन में जब भी घूमेंगे खासकर बारिश के मौसम में मौत हमेशा उनके सर पर बनी रहेगी। लोगों ने जमीन की लालच में अपने जीवन का सौदा कर लिया है।
@vilok pathak
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