इटारसी रेलवे स्टेशन पर वैध स्टाल से अवैध वेंडर खुलेआम लूट रहे यात्रियों को…

✒️ विलोक पाठक / न्यूज़ इन्वेस्टिगेशन
मध्य प्रदेश के इटारसी जंक्शन में प्लेटफार्म नंबर चार पर रुकी जनशताब्दी एक्सप्रेस के यात्रियों द्वारा गुणवत्ता विहीन खाद्य पदार्थ तथा अधिक मूल्य वसूलने की शिकायत की गई। इस बाबत जब स्टॉल चलाने वाले से बात की तो वह कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दे पाया एवं माफी मांगने लगा।
दिनांक 24 नवंबर को सुबह जबलपुर से कमलापति स्टेशन जाने वाली गाड़ी संख्या 1206 जनशताब्दी एक्सप्रेस सुबह 9:35 पर इटारसी के प्लेटफार्म नंबर 4 पर पहुंची, जहां पर एक स्टॉल पर यात्रियों से अधिक मूल्य पर सामग्री बेची जा रही थी। कुछ यात्रियों ने जब गुणवत्ता विहीन चाय और उसके रेट को लेकर वेंडर से बात की तो उसका स्पष्ट कहना था, चाय 10 की है लेना हो तो लो। वहीं जब स्टाल चला रहे व्यक्ति से रेलवे की रेट लिस्ट दिखाने बोला एवं शिकायत की बात की तब उन्होंने बताया कि चाय 7 रुपये की है। इसी बीच जब वेंडर से उसका आई कार्ड पूछा गया जो कि वह छुपा रहा था तो उसने दिखाने से इनकार कर दिया एवं छुपाने लगा। कई बार आई कार्ड दिखाने के लिए बोलने पर उसने नहीं दिखाया एवं किनारे जाकर उतार दिया जो कि वीडियो में स्पष्ट है। जाहर सी बात है कि वह फर्जी आई कार्ड पर कार्य कर रहा था। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि भारतीय रेलवे का फीता लगा हुआ आई कार्ड इसके गले में दिख रहा है। बाद में स्टाल वाला यात्रियों से माफी मांगता रहा एवं अतिरिक्त पैसे जो भुगतान किए गए थे वापस करने की बात करने लगा।
देखा जाए तो यह एक प्लेटफार्म के केवल एक स्टॉल की बात है,जबकि इटारसी के तमाम प्लेटफार्म पर कितने स्टॉल होंगे जहां इस तरह की लूट चल रही है। दिन भर में इटारसी से सैकड़ो गाड़ियां गुजरती है। इस तरीके से अवैध वेंडर रखकर ना जाने कितने लाखों की वसूली जिम्मेदारों की नाक के नीचे हो रही है। वहां से गुजरने वाले एक आम यात्री को यह कमी दिख गई परंतु जिनकी जिम्मेदारी इनको कंट्रोल करने की है उनको यह सब क्यों नहीं दिखता। बहरहाल जो भी हो परंतु अवैध वेंडर रखकर अवैध कमाई का कारोबार जोरों पर है और यह छोटा-मोटा नहीं यदि औसत देखा जाए तो यह वर्ष में करोड़ों तक पहुंच सकता है। जिम्मेदार कार्यवाही करें ना करें, परंतु निर्दोष यात्रियों की जेब ढीली होने के साथ गुणवत्ता विहीन भोजन उनकी नियति में वदा हुआ है।




